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मानव अधिकार ये सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव या अमानवीय कृत्य नहीं हो।

मानवाधिकारो की रक्षा करना ही अखिल भारतीय मानवाधिकार मिशन का मुख्य उद्देश्य है।

अखिल भारतीय मानवाधिकार मिशन गैर सरकारी राष्ट्रीय स्तर का पंजीकृत संगठन है जिसका गठन 10 दिसंबर 2012 में हुआ और इसका उद्देश्य मानव अधिकारों के लिए अनुसंधान का संचालन और उत्पन्न करना ही जिससे मानव अधिकारों के गंभीर हनन को रोकने और उन लोगों के लिए न्याय की मांग की जा सके जिनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।

मानव अधिकारों से अभिप्राय “मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव प्राणी हकदार है। अधिकारों एवं स्वतंत्रताओं के उदाहरण के रूप में जिनकी गणना की जाती है, उनमें नागरिक और राजनैतिक अधिकार सम्मिलित हैं जैसे कि जीवन और आजाद रहने का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता एवं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के साथ ही साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार, भोजन का अधिकार काम करने का अधिकार एवं शिक्षा का अधिकार

मानव अधिकार का महत्व

आज के समय में मानव अधिकार एक ऐसी सुविधा है, जिसके बिना हमारा जीवन काफी भयावह और दयनीय हो जायेगा क्योंकि बिना मानव अधिकारों के हम पर तमाम तरह के अत्यार किये जा सकते है और बिना किसी भय के हमारा शोषण किया जा सकता है। वास्तव में मानव अधिकार सिर्फ आज के समय में ही नही पूरे मानव सभ्यता के इतिहास में भी काफी आवश्यक रहे है। भारत में भी प्रचीनकाल में कई सारे गणतांत्रिक राज्यों के नागरिकों को कई विशेष मानव अधिकार प्राप्त थे। आज के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैदियों से लेकर युद्धबंदियों तक के मानव अधिकार को तय किया गया है। इन अधिकारों की देखरेख और नियमन कई प्रमुख अंतराष्ट्रीय संस्थाओं और संगठनों द्वारा किया जाता है।

यदि मानव अधिकार ना हो तो हमारा जीवन पशुओं से भी बदतर हो जायेगा, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हमें आज के समय में कई तानाशाही और धार्मिक रुप से संचालित होने वाले देशों में देखने को मिलता है। जहां सिर्फ अपने विचार व्यक्त कर देने पर या फिर कोई छोटी सी गलती कर देने पर किसी व्यक्ति को मृत्युदंड जैसी कठोर सजा सुना दी जाती है क्योंकि ना तो कोई वहा मानव अधिकार नियम है ना तो किसी तरह का कानून, इसके साथ ही ऐसे देशों में सजा मिलने पर भी बंदियों के साथ पशुओं से भी बुरा सलूक किया जाता है।

वही दूसरी तरफ लोकतांत्रिक देशों में मानव अधिकारों को काफी महत्व दिया जाता है और हरके व्यक्ति चाहे फिर वह अपराधी या युद्धबंदी ही क्यों ना हो उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाता है, इसके साथ ही सजा मिलने पर भी उन्हें मूलभूत सुविधाएं अवश्य दी जाती है। इस बात से हम अंदाजा लगा सकते है कि मानव अधिकार हमारे जीवन में कितना महत्व रखते है।

मानवाधिकार, व्यक्तियों को दिए गए मूल अधिकार हैं, जो लगभग हर जगह समान हैं। प्रत्येक देश किसी व्यक्ति की जाति, पंथ, रंग, लिंग, संस्कृति और आर्थिक या सामाजिक स्थिति को नज़रंदाज़ कर इन अधिकारों को प्रदान करता है। हालांकि कभी-कभी इनका व्यक्तियों, समूहों या स्वयं राज्य द्वारा उल्लंघन किया जाता है। इसलिए लोगों को मानवाधिकारों के किसी भी उल्लंघन के खिलाफ खुद आवाज़ उठाने की जरूरत है।